Wednesday, July 2, 2008

कांवड़ की तैयारियां


अब चंद दिन रह गये हैं कांवड़ियों का हुजूम उमड़ने में। पूरे श्रावण माह कांवड़िये उत्तराखंड में धूम मचाये रहते हैं। दूर-दूर से ये हरिद्वार आते हैं और यहां से गंगाजल लेकर इच्छित शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। यहां तक कि ये कांवड़िये अब गंगोत्री तक जाने लगे हैं। इनका दायरा अब राज्य स्तर तक पहुंच रहा है। कांवड़ यात्रा के लिए सरकार और प्रशासन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हरिद्वार, रुड़की आदि कई क्षेत्रों में कुछ कार्य शुरू करा दिये गये हैं। परिवहन, रेलवे के अलावा अन्य विभागों ने कांवड़ यात्रा के मद्देनजर इंतजाम करने शुरू किये हैं लेकिन फिलहाल तैयारियों की जो शुरुआत है, उसका सिलसिला अभी धीमा है। इसके लिए ज्यादा समय शेष नहीं है। अगर अभी से गंभीरता के साथ द्रुत गति से तैयारियां नहीं की गयीं तो कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम तरह की दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है। वैसे भी आनन-फानन में जो तैयारियां की जाती हैं, वे इतनी दुरुस्त नहीं होतीं, जितनी सुकून से की गयी तैयारियां। अभी समय है, सरकार को इस बात के पुख्ता इंतजाम कर लेने चाहिए कि कांवड़ियों को आवागमन में किसी तरह की असुविधा न हो, उन्हें स्थान-स्थान पर समुचित बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। कभी-कभी इन सुविधाओं के अभाव में कांवड़िये अप्रिय स्थिति उत्पन्न कर देते हैं। इस कांवड़ यात्रा के दौरान एक और मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, वह है आतंकवादियों का। इन दिनों आतंकवादी ऐसे प्वाइंटों पर ही हमला करने की साजिश रचते हैं। कांवड़ियों के वेश में आतंकवादी कोई गुल खिला जाएं, इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सुरक्षा के इस बिन्दु पर भी गंभीरता के साथ गौर किया जाना चाहिए।



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