Sunday, August 24, 2008

अब न जागे तो कब जागोगे?

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पहले ख़बर आई कि अमरनाथ पर कुछ सुलह के आसार दिखे हैं. क्या अब हिन्दुओं को खून बहाने के बाद ही किसी बात का हल निकालना नसीब होगा. यहाँ सरकार के बयान, अमरनाथ संघर्ष समिति की शर्तों की चर्चा नहीं है बल्कि ये दिखाने की एक छोटी सी कोशिश है कि आज अपने देश में हिन्दुओं के लिए क्या कुछ कठिन है, क्या कुछ नामुमकिन है.

हिंदू धर्म के अनुसार यदि पूजा-आराधना की जाए, रात्रि जागरण किया जाए या किसी भी तरह से अपने धर्म की बात कही जाए तो कहा जाता है कि सिवाय समय बर्बादी के, आने वाली पीढ़ी को नाकारा बनाने के कुछ नहीं हो रहा जबकि इसके ठीक उलट यदि किसी ईसाई धर्म को मानने वाला गिरजाघर में प्रार्थना करता है या कोई मुस्लिम पाँचों वक्त की नमाज अदा करता है तो ये लोग धर्म को-मजहब को मानने वाले होते हैं, अपने धर्म-मजहब का प्रचार-प्रसार करने वाले होते हैं।

यदि हिंदू अपने भगवनों को लेकर किसी तरह का अनुष्ठान करता है या अपने पौराणिक सन्दर्भों की चर्चा करता है या फ़िर उनके किसी चमत्कार की charchaa करता है तो उसको ढोंग कहा जाता है पर यदि मदर टेरेसा की फोटो को पेट में रखने मात्र से किसी का ट्यूमर समाप्त हो जाता है तो मदर टेरेसा को संत की उपाधि देने का कुचक्र रचा जाने लगता है।

हिंदू धर्म में पुनर्जन्म की बातों का मजाक उदय जाता है पर इशू के पुनर्जन्म को आस्था की दृष्टि से देखा जाता है।

हिंदू धर्म के आराध्य काल्पनिक पात्र हैं पर बाक़ी धर्म के आराध्य पूज्य हैं।

ये कुछ उदहारण हैं जो हिन्दुओं को उनकी वास्तविक स्थिति (देशी भाषा में कहें तो "औकात") बताती है। अमरनाथ की सुलह के पूर्व न तो हिंदू भावनाओं का ख्याल है न देश की शान्ति की बात है और ना ही जम्मू आदि की शान्ति-सुरक्षा की बात है, सरकार को दिख रहे हैं आगामी लोकसभा चुनाव. इन्हीं चुनाव की आहात ने सरकार को कदम बढ़ने पर मजबूर किया है नहीं तो हिन्दुओं में ही ऐसे हिंदू हैं जो हिंदू धर्म के नाम पर कलंक से कम नहीं हैं.

ये बात सही है कि धर्म का नाम मारकाट मचाना नहीं, धर्म का काम लोगों को बाँटना नहीं, धर्म का नाम संकीर्ण सोच नहीं पर अपने धर्म को तुष्टिकरण के लिए भुला देना, अपने आराध्यों की बेइज्जती होते देखते रहना, कुछ थोड़े लाभ के लिए हिंदू धर्म को रसातल में जाने देना भी तो उचित नहीं है?

जागो हिंदू जागो....अब तो जागो......कब जागोगे......जब आँखें फोड़ दी जायेंगी......औकात दिखा दी जायेगी......आपके पुरखों को भी नेस्तनाबूत कर दिया जाएगा........क्या तब जागोगे?

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